अर्जुन हत्याकांड का खुलासाः प्रॉपर्टी के विवाद में मां ने ही कराई बेटे की हत्या, 12 लाख में दी थी सुपारी

देहरादून। देहरादून में तिब्बती मार्केट के सामने कारोबारी और टेनिस प्लेयर अर्जुन की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया। एसएसपी अजय सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि बलिदानी कोटे से परिवार को मिली गैस एजेंसी के लोन चुनाने को लेकर विवाद चल रहा था। जिसके बाद मृतक की मां बीना शर्मा ने ही बेटे अर्जुन की हत्या करवाई थी। उन्होंने बताया कि मां ने शूटरों को 12 लाख रुपये में सुपारी दी थी। जिसमें से तीन लाख रुपये दे दीए थे। बाकी रकम काम होने के बाद देनी थी। एसएसपी ने बताया कि मां बीना ने 25 दिन पहले ही बेटे की हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी थी। मां बीना शर्मा शातिर अपराधियों की तरह बेटे की हर गतिविधि पर नजर रख रही थी। उसने गैस एजेंसी के मैनेजर से अर्जुन की मूवमेंट की जानकारी भी ली थी। बताया कि बीते दिनों बीना ने जीएमएस रोड की प्रॉपर्टी बेची थी। जिसे बेचने के बाद 14 करोड़ रुपये बीना के खाते में आए थे। इसमें से आठ करोड़ रुपये उसने विनोद के खाते में भेजे थे। इसके बाद जब अर्जुन ने इसका विरोध किया तो मां ने हत्या की साजिश रची थी।
हत्याकांड के बाद पुलिस ने शूटर और उसके सहयोगी को अलग-अलग स्थानों पर मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। फायरिंग के दौरान दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। हत्याकांड के बाद एसएसपी देहरादून के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए शहर से लेकर देहात तक नाकेबंदी और सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। तड़के सुबह रायपुर थाना क्षेत्र के लाडपुर जंगल में चेकिंग के दौरान एक बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया। इसी दौरान लालतप्पर पुलिस चौकी पर चेकिंग के समय एक स्कूटी सवार बदमाश पुलिस के रोकने पर नहीं रुका।
वह वापस मुड़कर एक खंडर फैक्ट्री में घुस गया और पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस बदमाश के दाहिने पैर में गोली लगी है। दोनों बदमाशों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने उनके पास से दो देशी तमंचे और एक स्कूटी बरामद की है। पूछताछ में दोनों बदमाशों ने तिब्बती मार्केट के सामने हुए हत्याकांड को अंजाम देने की बात कबूल की है। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
अभियुक्तों के कब्जे से 02 तमंचे 315 बोर, जिंदा व खोखा कारतूस व घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद हुई। मृतक व्यक्ति का अपनी माँ व उसके सहयोगियों के साथ सम्पत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद के चलते मृतक की माँ व उसके सहयोगियों द्वारा उसे रास्ते से हटाने के लिये 12 लाख रू0 में अभियुक्तों से सौदा किया गया था। घटना की साजिश में शामिल तथा अभियोग में नामजद मृतक की माँ सहित उसके 02 अन्य सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। घटना के संबंध में मृतक अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा शर्मा पत्नी स्व0 अर्जुन शर्मा निवासी 41/1 बसन्त विहार देहरादून द्वारा अपनी सास बीना शर्मा का 01-विनोद उनियाल, 02-संगीता उनियाल पत्नी विनोद उनियाल, 03- डॉ0 अजय खन्ना, एस०के० मैमोरियल हास्पिटल के साथ पैसों के लेने देन होने के कारण उनके पति अर्जुन शर्मा द्वारा इस बात का विरोध करने पर उनका अपनी माता जी के साथ विवाद चलने व इस सम्बन्ध में उनका न्यायालय में भी वाद के लम्बित होने तथा उक्त विवाद के चलते अपनी सास सहित उक्त सभी व्यक्तियों द्वारा उनके पति की हत्या कराये जाने का शक होने के सम्बन्ध में दिये गये प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली डालनवाला पर मु0अ0सं0ः 29/2026 अन्तर्गत धारा 103(1) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया।
घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु एसएसपी देहरादून द्वारा दिये गये निर्देशों पर तत्काल अलग-अलग टीमों का गठन किया गया, साथ ही सम्पूर्ण जनपद में नाकेबंदी करते हएु जनपद के नगर तथा देहात क्षेत्र में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। घटना स्थल व उसके आस-पास के सीसीटीवी की फुटेजों के अवलोकन से स्कूटी सवार 02 व्यक्तियों द्वारा उक्त घटना को अंजाम दिया जाना प्रकाश में आया।
पुलिस द्वारा लगातार चलाये जा रहे सघन चैकिंग अभियान के दौरान दिनांकः 11-02-26 की रात्रि में रायपुर पुलिस द्वारा लाडपुर क्षेत्र में सीक्यूएआई तिराहे से आगे जंगल की ओर से आ रहे एक व्यक्ति को रोकने का प्रयास किया गया तो उक्त व्यक्ति पुलिस टीम पर फायर करते हुए जंगल की ओर भाग गया, पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में किये गये जवाबी फायर में उक्त व्यक्ति के पैर पर गोली लग गई, मौके से अभियुक्त के पास से 315 बोर का 01 तमंचा तथा 01 खोखा कारतूस बरामद हुआ। इस दौरान दिनाँक 11-12/02/26 की देर रात्रि डोईवाला पुलिस द्वारा चैकिंग के दौरान लालतप्पड चौकी के सामने बैरियर पर देहरादून की ओर से आ रही एक स्कूटी को रोकने पर स्कूटी सवार व्यक्ति पुलिस को देखकर वापस मुडकर देहरादून की ओर भागने का प्रयास करने लगा, पुलिस टीम द्वारा पीछा करने पर अभियुक्त पुलिस टीम पर फायर करते हुए पास स्थित बंद पडी बिरला फैक्ट्री के अन्दर भाग गया तथा अन्दर से पुलिस टीम पर फायर किया गया। पुलिस टीम द्वारा अपने बचाव में किये गये जवाबी फायर में अभियुक्त के पैर पर गोली लग गई। मौके से पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त के कब्जे से 01 तमंचा, 01 जिंदा कारतूस तथा खोखा कारतूस बरामद किया गया। लाडपुर क्षेत्र में घायल बदमाश द्वारा अपना नाम राजीव उर्फ राजू पुत्र अभय राम सिंह निवासीः 61/3 इन्द्रा कालोनी चक्खुवाला कोतवाली नगर देहरादून तथा लालतप्पड क्षेत्र में घायल बदमाश द्वारा अपना नाम पंकज राणा पुत्र अभय राम सिंह निवासीः 61/3 इन्द्रा कालोनी चक्खुवाला कोतवाली नगर देहरादून बताया गया तथा दोनो अभियुक्तों द्वारा परेड ग्राउण्ड तिब्बती मार्केट के पास अर्जुन शर्मा नाम के व्यक्ति की तंमचे से गोली मारकर हत्या करना स्वीकार किया गया। पुलिस द्वारा मुठभेड में घायल दोनो अभियुक्तों को उपचार हेतु कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। अभियुक्तों द्वारा पुलिस टीम पर किये गये जानलेवा हमले के सम्बन्ध में उनके विरूद्ध थाना रायपुर तथा कोतवाली डोईवाला में धाराः 109 बीएनएस तथा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किये गये।
घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, पुलिस अधीक्षक नगर/विकासनगर व अन्य अधिकारीगणों द्वारा घटना स्थल व अस्पताल में पहुंचकर घटना के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हुए अभियुक्तों से घटना के सम्बन्ध में पूछताछ की गई।
पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि वो दोनो सगे भाई हैं तथा मूल रूप से ग्राम देवीखाल, पो0 गुमखाल, कोटद्वार जिला पौडी गढवाल के रहने वाले हैं तथा वर्तमान में अपने परिवार के साथ चक्खुवाला कोतवाली क्षेत्र में रह रहे हैं। अभियुक्त पंकज राणा, विनोद उनियाल के पास ड्राइवर का काम करता है तथा अभियुक्त राजीव ऑटो चलाने का कार्य करता है। विनोद उनियाल, उनके परिचित डॉ0 अजय खन्ना व मृतक की माँ बीना शर्मा का मृतक अर्जुन शर्मा से प्रापर्टी व पैसों के लेने देन को लेकर विवाद चल रहा था तथा पूर्व में दोनो पक्षों द्वारा एक दूसरे के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कराये गये थे।
डॉ0 अजय खन्ना की अर्जुन शर्मा की माँ बीना शर्मा से जीएमएस रोड स्थित उनकी सम्पत्ति को खरीदने की एवज में 14 करोड रू0 मे डील हुई थी, जिसमें से अब तक 08 करोड रू0 उसके द्वारा बीना शर्मा को दिये जा चुके थे पर अर्जुन शर्मा द्वारा उसकी माँ द्वारा बेची गई प्रापर्टी पर न्यायालय से स्टे ले लिया गया था। इतने पैसे देने के बाद व प्रापर्टी पर कब्जा न मिल पाने के कारण डॉ0 अजय खन्ना काफी परेशान चल रहा था तथा बीना शर्मा पर अपने पैसे वापस देने का दबाव बना रहा था, जिसे लेकर माँ बेटे के बीच अक्सर विवाद व झगडा होता रहता था तथा मृतक की माँ द्वारा अपने पुत्र से खुद को असुरक्षित बताते हुए उच्च न्यायालय से सुरक्षा प्राप्त की गई थी। उक्त सम्पत्ति पर अर्जुन शर्मा द्वारा विक्रय पर स्टे लेने तथा मोटी धनराशि देने के बावजूद भी मां0 न्यायालय में वाद के लम्बित रहने तथा प्रापर्टी पर मालिकाना हक नहीं मिल पाने पर बीना शर्मा, अजय खन्ना तथा विनोद उनियाल द्वारा अर्जुन शर्मा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई तथा उनका दोनो अभियुक्तों से 12 लाख रू0 में सौदा तय हुआ था, जिसमें से 03 लाख रू0 दोनों अभियुक्तों को एडवांस मिल गये थे तथा बाकी के पैसे काम होने के बाद मिलने थे।
पैसों के लालच में दोनो अभियुक्तों द्वारा अर्जुन शर्मा की दिनचर्या की जानकारी करते हुए दिनांकः 11-02-26 को तिब्बती मार्केट के पास अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी। अभियोग की विवेचना के दौरान तथ्य प्रकाश में आये कि घटना से पूर्व तथा घटना के बाद अभियुक्त पंकज राणा द्वारा विनोद उनियाल से व्हट्सअप के माध्यम से सम्पर्क किया गया था तथा घटना के बाद रात्रि में अभियुक्त उसके घर भी गया था। विवेचना के दौरान गवाहों के बयानों से यह तथ्य प्रकाश में आये कि मृतक अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा द्वारा अर्जुन शर्मा के मैनेजर विजय से कुछ दिन पूर्व उसकी दिनचर्या के सम्बन्ध में जानकारी ली गई थी, क्योंकि अपनी मां से हुए विवाद के चलते मृतक अर्जुन शर्मा अपने परिवार के साथ इन्दिरा नगर क्षेत्र मे किराये के मकान में रह रहा था। अभियुक्तों से पूछताछ तथा विवेचना के दौरान प्रकाश में आये हत्या के षडयंत्र में शामिल होने सम्बन्धी तथ्यों के आधार पर पुलिस द्वारा अभियोग में नामजद तीन अन्य अभियुक्तों 1- विनोद उनियाल 2- डॉ0 अजय खन्ना तथा 3-बीना शर्मा को गिरफ्तार किया गया, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस द्वारा घटना के सभी तथ्यों पर लगातार गहनता से विवेचना की जा रही है। मुठभेड में गिरफ्तार हत्याकाण्ड के दोनों मुख्य अभियुक्तों पंकज राणा व राजीव का पुलिस द्वारा न्यायालय से रिमाण्ड कराया गया।





