उत्तराखण्ड

मुख्यमंत्री धामी की दो टूकः भ्रष्टाचार किया तो बचोगे नहीं, पद चाहे जितना बड़ा हो, कार्रवाई तय

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देहरादून। उत्तराखंड में जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति एक बार फिर सख्त कार्रवाई के रूप में सामने आई है। होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री की खरीद प्रक्रिया में टेंडर अनियमितताओं की रिपोर्ट शासन तक पहुँचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए और मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश भी जारी किए।
यह प्रकरण वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 की खरीद प्रक्रिया से जुड़ा बताया गया है, जिसमें पारदर्शिता के अभाव और नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका संदेश साफ है दोषी कोई भी हो, पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, कड़ी कार्रवाई तय है। यही कारण है कि प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि शासन में पारदर्शिता और जनविश्वास दोनों मजबूत हों।
बीते तीन वर्षों में धामी सरकार ने यह दिखा दिया है कि कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उच्च पदों पर बैठे अधिकारी भी जांच और दंड की प्रक्रिया से गुजरेंगे। हरिद्वार भूमि प्रकरण, भर्ती धांधली, वन विभाग, उद्यान, परिवहन, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और कर विभाग जैसे 12 से अधिक मामलों में कई वरिष्ठ अधिकारियों पर निलंबन, गिरफ्तारी और विजिलेंस जांच जैसी सख्त कार्रवाइयाँ की गई हैं। पहले जिन नामों पर सवाल उठाने से लोग हिचकते थे, आज वे भी कानून के दायरे में लाए जा रहे हैं। इन कार्रवाइयों को प्रशासनिक सख्ती से आगे बढ़कर सुशासन की दिशा में बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में यह स्पष्ट हो चुका है कि भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। सरकार का उद्देश्य साफ है भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था, जहाँ नियमों से खिलवाड़ करने वालों के लिए केवल एक रास्ता है सख्त कार्रवाई।

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