उत्तराखण्ड

एक के बाद एक सामने आने लगे जमीन धोखाधड़ी के मामले

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देहरादून। गरीबों में जो खौफ इलाहाबाद के अतीक अहमद, गाजीपुर के मुख्तार अंसारी का था, उसी खौफ में यूएसनगर के लोग जी रहे हैं। खासतौर पर बाजपुर, गदरपुर, काशीपुर समेत आस पास के गरीब और कारोबारी लोगों में सत्ताधारी दल के एक सफेदपोश का खौफ बना हुआ है।
ये सफेदपोश दशकों से अपने पूरे परिवार समेत मजलूमों की जमीनों पर डाका डालने में जुटा है। गरीबों की जमीनों को इसी तरह खुर्दबुर्द कर एक मजदूर के बेटे ने अरबों का कारोबार खड़ा कर दिया, बल्कि सत्ता के गलियारे में अपनी पहुंच के दम पर लोगों को बर्बाद करने का खेल खेला। पहली बार नेताजी की चूड़ियां कसी, तो गरीब, मजलूमों में साहस जागा। एक के बाद एक लोग अब इस सफेदपोश के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
यूएसनगर जिले में ये नेताजी सत्ताधारी दल के लिए बदनामी का बड़ा सबब बन गए हैं। पार्टी विद डिफरेंस का लेवल जिस भाजपा को मिला हुआ है, उसकी साख आम जन में इन नेताजी के कारण धूल धसरित हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिस मेहनत से अवाम में पार्टी की छवि को सुधारने में जुटे हैं, इन नेताजी के कारण पार्टी की वो इमेज डैमेज हो रही है। नेताजी हर दिन पार्टी के लिए बदनामी का पर्याय बनते जा रहे हैं।
नेताजी का खौफ लोगों पर इस कदर हावी है कि वे नेताजी को उत्तराखंड का अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी से भी बड़ा अपराधी बताने से नहीं चूक रहे हैं। गरीबों की जमीनों पर कब्जा कर नेताजी ने पूरे उधमसिंह नगर जिले में जमीनों का बड़ा साम्राज्य खड़ा कर दिया है। गरीबों की जमीनों पर अपना कारोबार खड़ा किया है। दशकों तक नेताजी के खौफ में चुप्पी साधे गरीबों ने अब जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। अब लोग खुलकर नेताजी के अपराधों के खिलाफ आगे आ रहे हैं। पुलिस में केस दर्ज करा रहे हैं। इससे अब नेताजी पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं। पार्टी पर उन्हें पार्टी से बाहर करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

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