उत्तराखण्ड

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विज्ञान प्रदर्शनी एवं बाल मेले का आयोजन

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हरिद्वार। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के पावन अवसर पर आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं प्रथम एजुकेशन फाऊंडेशन के सौजन्य से विकास भवन, रोशनाबाद में भव्य विज्ञान प्रदर्शनी एवं बाल मेले का आयोजन अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं वैज्ञानिक चेतना के वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि समाज में विज्ञान के महत्व को रेखांकित करने का एक सशक्त माध्यम भी बना। प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। इसी दिन भारत के महान वैज्ञानिक ब्. ट. त्ंउंद ने ‘रमन प्रभाव’ की खोज की घोषणा की थी, जिसके लिए उन्हें वर्ष 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह दिवस वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान, नवाचार एवं तार्किक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। विज्ञान दिवस हमें यह संदेश देता है कि प्रगति का आधार जिज्ञासा, प्रयोग और सतत् खोज की भावना है। इसी भावना को साकार करते हुए आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, उन्हें प्रयोगात्मक अधिगम से जोड़ना तथा भविष्य के वैज्ञानिक, शोधकर्ता एवं नवोन्मेषी नागरिक तैयार करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ एवं अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित जी द्वारा रिबन काटकर किया गया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं नवाचारी सोच की भूरि-भूरि प्रशंसा की। जिलाधिकारी ने अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि “विज्ञान केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह जीवन की प्रत्येक गतिविधि से जुड़ा हुआ है। ऐसे आयोजन बच्चों में प्रश्न पूछने, सोचने और समाधान खोजने की क्षमता विकसित करते हैं।”
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी  धर्मवीर सिंह, जिला सांख्यिकीय अधिकारी  नलिनी ध्यानी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की सीडीपीओ  सुलेखा सहगल सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों के मॉडलों, चार्ट, प्रायोगिक प्रस्तुतियों एवं विज्ञान आधारित गतिविधियों का अवलोकन कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में आईटीसी लिमिटेड के मानव संसाधन प्रमुख  अल्ताफ हुसैन, कार्यक्रम प्रबंधक  पमिश कुमार एवं  आर्यन मिश्रा ने प्रतिभाग किया।
आईटीसी लिमिटेड के मानव संसाधन प्रमुख अल्ताफ हुसैन ने अपने उद्बोधन में कहा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं वैज्ञानिक सोच का विकास सतत् प्रयासों से ही संभव है, और इस दिशा में यह पहल अत्यंत सराहनीय है।
विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियाँ
रोशनाबाद, सलेमपुर, अनेकी एवं रावली महदूद के प्रतिभागी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विज्ञान प्रदर्शनी में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, कृषि नवाचार, स्वास्थ्य एवं दैनिक जीवन में विज्ञान के उपयोग जैसे विषयों पर आकर्षक एवं उपयोगी मॉडल प्रस्तुत किए। बाल मेले के अंतर्गत शैक्षिक खेल, ज्ञानवर्धक गतिविधियाँ, रचनात्मक स्टॉल एवं सहभागितापूर्ण प्रदर्शन भी आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। यह आयोजन बच्चों के लिए सीखने का एक जीवंत और अनुभवात्मक मंच सिद्ध हुआ।
सहयोगी संस्थाओं की सहभागिता
कार्यक्रम की सफलता में विभिन्न सहयोगी संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रथम एजुकेशन फाऊंडेशन से आशा डोभाल एवं उनकी टीम, प्रथम इन्फोटेक फाऊंडेशन से अमित वर्मा, श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम से रंजीत कैंतुरा, पीपीएचएफ से अमरजीत, लोकमित्रा से बालू, बन्धन से रंजन तथा मैजिक बस फाउंडेशन से से सचिन एवं उनकी टीम ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
समापन अवसर पर कार्यक्रम प्रबंधक पमीश कुमार आयोजकों ने सभी प्रतिभागी विद्यालयों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विज्ञान दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि वैज्ञानिक चेतना के प्रसार का संकल्प है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों में जिज्ञासा, अनुसंधान प्रवृत्ति और नवाचार की भावना को निरंतर प्रोत्साहित किया जाता रहेगा। यह भव्य विज्ञान प्रदर्शनी एवं बाल मेला विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ, जिसने समाज में विज्ञान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, जागरूकता एवं प्रगतिशील सोच को सुदृढ़ करने का संदेश दिया।कार्यक्रम का सफल संचालन प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के लोकेशन मैनेजर दीनानाथ सरोज एवं आशा डोभाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

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