उत्तराखण्ड

यूसीसी के एक साल होने पर संतों ने सीएम धामी को दी बधाई

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हरिद्वार। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू हुए 1 साल हो गया है। 27 जनवरी को सरकार यूसीसी दिवस के रूप में मना रही है। हरिद्वार में साधु संत भी सरकार के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। संतों का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सीधा में के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने देश में सबसे पहले सभी धर्म और पंथ के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया है। अन्य राज्यों को भी इसका अनुसरण करना चाहिए। साधु संतों का कहना है कि देश में सभी नागरिकों के लिए एक विधान होना जरूरी है। यूसीसी कानून के लागू होने से उत्तराखंड में किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव नहीं होगा। विशेष तौर पर मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार और लव जिहाद जैसी घटनाओं पर भी रोक लगेगी। इसके साथ ही हरिद्वार जिला मुख्यालय ने भी यूसीसी दिवस मनाया। ऋषिकुल ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में नगर विधायक मदन कौशिक, मेयर किरन जैसल और डीएम मयूर दीक्षित समेत कई अधिकारी और छात्र छात्राएं उपस्थित रही। इस दौरान यूसीसी की उपलब्धियां बताई गईं।
महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा 27 जनवरी को उत्तराखंड में यूसीसी लागू कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इतिहास रचने का काम किया। उन्होंने कहा देश में सबसे पहले यूसीसी लागू कर यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि धामी सरकार के लिए सभी नागरिक समान हैं। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कानून बनाए हैं।
योग गुरु स्वामी रामदेव ने भी यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एक देश, एक विधान और एक संविधान की भावना के अनुरूप उत्तराखंड में सबसे पहले यूसीसी लागू किया गया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पूरी राष्ट्रवादी सरकार को भी बधाई दी।
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि देश इस समय बड़े बदलावों के दौर से गुजर रहा है। विशेषकर शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का युवा जागरूक हो रहा है। एक बड़े राजनीतिक दल का मुखिया भी युवा ही चुना गया है। ऐसे में उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के प्रचंड संकल्प के चलते ही यूसीसी जैसे ऐतिहासिक कानून को लागू किया जा सका।
समान नागरिक संहिता के तहत कराए जा रहे शादियों के रजिस्ट्रेशन में हरिद्वार जिला अव्वल है। यूसीसी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रशासन ने यूसीसी के रजिस्ट्रेशन में लगी टीम को सम्मानित किया। हरिद्वार के ऋषिकुल ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में डीएम और जनप्रतिनिधियों ने रजिस्ट्रार, सब रजिस्टार और यूसीसी के काम को आगे बढ़ा रहे स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को सम्मानित किया। हरिद्वार जिले में यूसीसी के तहत 1 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।

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