उत्तराखण्ड

मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और संवैधानिक कर्तव्यः राज्यपाल

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देहरादून। 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर रविवार को लोक भवन देहरादून में राज्य स्तरीय राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मंच पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव निर्वाचन दिलीप जावलकर, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे एवं जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल उपस्थित रहे। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस दौरान राज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को मतदाता शपथ भी दिलाई। राज्यपाल ने निर्वाचन गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपद रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चम्पावत और बागेश्वर के जिलाधिकारियों को सम्मानित किया। इसके साथ ही ईआरओ रुड़की, खटीमा और चकराता को प्री-एसआईआर के दौरान उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने स्टेट आईकॉन पद्मश्री बसंती बिष्ट, ओलपिंयन मनीष रावत एवं नुंग्शी मलिक को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर देहरादून जनपद के 18 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके नए मतदाताओं को मतदाता पत्र देकर राज्यपाल ने सम्मानित किया।
राज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए सभी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएँ दीं। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति सजग, जागरूक और सक्रिय नागरिक होते हैं। भारतीय संविधान ने प्रत्येक नागरिक को मताधिकार देकर लोकतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी है। मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और संवैधानिक कर्तव्य है।
राज्यपाल ने सभी से आह्वाहन किया कि प्रत्येक निर्वाचन में अनिवार्य रूप से अपने मत का प्रयोग करें और लोकतंत्र को सशक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि जब हर नागरिक मतदान करता है, तब भारत का लोकतंत्र और अधिक मजबूत बनता है। राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष की थीम ”मेरा भारत-मेरा वोट” यह संदेश देती है कि प्रत्येक वोट देश के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब कोई नागरिक मतदान करता है, तो वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए निर्णय करता है। उन्होंने यह भी कहा लोकतंत्र की मजबूती नीतियों या संस्थाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों की जागरूक भागीदारी से सुनिश्चित होती है।
राज्यपाल ने भारत निर्वाचन आयोग की सराहना करते हुए कहा कि आयोग पिछले सात दशकों से निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनावों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है। उन्होंने निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षाबलों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बधाई दी। युवाओं और नए मतदाताओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने युवाओं से मतदान को केवल औपचारिकता न मानकर देश के भविष्य के निर्माण का माध्यम बनाने का आह्वान किया।
उत्तराखण्ड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए राज्य की निर्वाचन मशीनरी, बीएलओ और पोलिंग पार्टियों के प्रयासों की राज्यपाल ने सराहना की। इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अपने सम्बोधन में मतदान की भूमिका को अहम बताया। सचिव निर्वाचन दिलीप जावलकर ने अपने सम्बोधन में कहा कि सजग मतदाता से समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। कार्यक्रम के अंत में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने राज्यपाल का आभार प्रकट करते हुए अतिथियों का धन्यवाद प्रकट किया। इस अवसर पर सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास, सीडीओ देहरादून अभिनव शाह, सीडीओ चम्पावत जीएस खाती, एडीएम चम्पावत मुक्ता मिश्र उपस्थित रहे। स्टेट अवार्ड से सम्मानित होने वालों में प्रतीक जैन जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग, प्रशांत आर्य जिलाधिकारी उत्तरकाशी, मनीष कुमार जिलाधिकारी चम्पावत, आकांक्षा कोंडे जिलाधिकारी बागेश्वर,
दीपक रामचंद्र संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की, तुषार सैनी उप जिलाधिकारी खटीमा और प्रेम लाल उपजिलाधिकारी चकराता शामिल हैं।

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