कांग्रेस की राजनीतिक हताशा का प्रदर्शन है ‘अन्याय यात्रा’: खजान दास

देहरादून। कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कांग्रेस की न्याय यात्रा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि लगातार मिल रही असफलता और जनता के द्वारा नकारे जाने से हताशा का ही परिणाम कांग्रेस की न्याय यात्रा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता को न्याय का पाठ पढ़ाने निकली कांग्रेस का यह अभियान न्याय की लड़ाई कम और अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की बेचौनी ज्यादा दिखाई देता है। जनता के मुद्दों को ढाल बनाकर सियासी चमक हासिल करने की कोशिश अब ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है। कांग्रेस को याद रखना चाहिए कि यात्रा का नाम बदलने से नीयत नहीं बदलती और मंच से बड़े-बड़े नारे लगाने से पुराने सवाल खत्म नहीं होते। इसलिए कांग्रेस की इस तथाकथित न्याय यात्रा को ‘अन्याय यात्रा’ कहना अधिक उपयुक्त है।
खजान दास ने कहा कि कांग्रेस ने चार अलग-अलग स्थानों से यात्रा शुरू की है। यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या पार्टी एक साझा एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है या अलग-अलग नेता अपने-अपने राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करने में जुटे हैं। कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और आपसी समन्वय को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब पार्टी को खुद देना चाहिए। जो दल अपने संगठन और नेतृत्व को लेकर उठने वाले सवालों का समाधान नहीं कर पा रहा, उसे जनता के सामने अपने जनहित के एजेंडे की स्पष्ट तस्वीर रखनी चाहिए। कांग्रेस को बताना होगा कि यह यात्रा जनता की समस्याओं के समाधान के लिए है या आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का माध्यम है।
आज कांग्रेस युवाओं को न्याय दिलाने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की बात कर रही है, लेकिन उसे अपने शासनकाल से जुड़े सवालों पर भी जवाब देना चाहिए। अपने शासनकाल से जुड़े इन सवालों पर उसकी जवाबदेही क्या है। युवाओं के भविष्य पर राजनीति करने से पहले कांग्रेस को पारदर्शिता और जवाबदेही के सवालों का सामना करना चाहिए।
कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई से संबंधित वायरल ऑडियो पर श्री खजान दास ने कहा कि यदि इस मामले को लेकर सार्वजनिक सवाल उठ रहे हैं, तो ऑडियो की प्रामाणिकता और वास्तविक संदर्भ स्पष्ट होना चाहिए। बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है, लेकिन तथ्यात्मक सवाल सामने आने पर संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण भी जरूरी है। कांग्रेस को बताना चाहिए कि जवाबदेही का उसका सिद्धांत क्या है और क्या वह अपने नेताओं तथा उनसे जुड़े मामलों में भी वही पारदर्शिता अपनाएगी, जिसकी मांग वह अपने राजनीतिक विरोधियों से करती है। न्याय और नैतिकता की बातें करने वाले दल को जवाबदेही के मामले में दोहरे मापदंड नहीं अपनाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह भ्रम छोड़ देना चाहिए कि यात्रा का नाम न्याय यात्रा रख देने से जनता उसके पुराने सवालों को भूल जाएगी। जनता को अब केवल आरोप नहीं, तथ्य और समाधान चाहिए।





