कांग्रेस ने 31.71 रुपए प्रति यूनिट गैस पावर का किया करार, भाजपा के 5.74 रुपए प्रति यूनिट बिजली का किया इंतजाम

देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के 1320 मेगावाट थर्मल पावर करार पर उठाए सवालों को सिरे से खारिज किया। भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि 2016 में कांग्रेस ने खुद जो गैस पावर का करार किया था, उसके कारण आज उत्तराखंड को गैस पावर का 31.71 रुपए प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31.71 रुपए प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना पड़ा है। जबकि भाजपा सरकार में हुए 1320 मेगावाट थर्मल पावर से उत्तराखंड को अगले 25 साल के लिए 5.74 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। इससे कांग्रेस शासन में हुए करार की कलई खुल गई है। साफ हो गया है कि कांग्रेस राज में किस स्तर का भ्रष्टाचार बिजली खरीद में हुआ। इसी कलई खुलने के डर से कांग्रेसी बौखला गए हैं।
भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि जो कांग्रेस अडानी के उत्तराखंड को 1320 मेगावाट थर्मल पावर देने पर सवाल उठा रही है, वही कांग्रेस कर्नाटक, तेलंगाना जैसे राज्यों में अडानी के साथ एक एक लाख करोड़ तक के करार कर रही है। तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने अडानी के साथ सोलर पावर, पंप स्टोरेज पावर प्लांट से लेकर बैटरी स्टोरेज एनर्जी पावर को लेकर करार किए हैं।
उत्तराखंड भाजपा सरकार जब राज्य हितों को सुरक्षित रखने, राज्य की भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, तो इससे कांग्रेस को बेचैनी हो रही है। अर्नगल प्रचार किया जा रहा है। झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। 1320 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट उत्तराखंड के भविष्य की बिजली जरूरतों को सुरक्षित रखने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस पावर प्लांट के लिए उत्तराखंड को न जमीन देनी होगी, न ही प्रदूषण से जुड़े नुकसान झेलने होंगे। न ही किसी प्रकार का तत्काल वित्तीय भार झेलना होगा। बदले में राज्य को 5.74 रुपए प्रति यूनिट की दर से सस्ती बिजली मिलेगी। उत्तराखंड की यही तरक्की कांग्रेस को हजम नहीं हो रही है।
मानसून, आपदा में थर्मल बड़ा सहारा
महेंद्र भट्ट ने कहा कि मानसून, आपदा के दौरान सोलर और हाइड्रो से बिजली उत्पादन प्रभावित होता है। युद्ध के समय गैस विदेशों से आना बंद हो जाती है। उस दौरान गैस महंगी होने के कारण गैस पावर चल नहीं पाते। ऐसे में थर्मल पावर को सबसे विश्वसनीय बिजली माना जाता है।
कांग्रेस राज में बिजली कटौती दिलाई याद
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस को अपनी सरकार के समय की बिजली कटौती याद रखनी चाहिए। किस तरह 10 घंटे से अधिक बिजली कटौती होती थी। आज धामी सरकार में 24 घंटे बिजली की सप्लाई हो रही है। किसानों को सस्ती बिजली मिल रही है।
बिजली उत्पादन में खींची बड़ी लकीर
भट्ट ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासन में कभी भी उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश बनाने की दिशा में कोई काम नहीं किया। जबकि धामी सरकार ने न सिर्फ पुराने रुकी हुई परियोजनाओं पर काम शुरू किया, बल्कि ऊर्जा के हर क्षेत्र में बिजली उत्पादन बढ़ाने को जमीनी काम किया। आज उत्तराखंड में एक हजार मेगावाट से अधिक सोलर पावर उत्पादन हो रहा है। जो कांग्रेस राज में सिर्फ एक सपना था। दशकों से रुकी हुई लघु जल विद्युत परियोजनाओं का पारदर्शी तरीके से आवंटन कर काम शुरू कराया।
लखवाड़, किसाऊ से मजबूत होगा बिजली उत्पादन
भट्ट ने कहा कि 300 मेगावाट की लखवाड़, 660 मेगावाट किसाऊ, त्यूणी प्लासू, सरकारी भ्योल रसियाबगड़ जैसे बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा कर एक हजार मेगावाट बिजली उत्पादन के रास्ते तैयार किए। वहीं स्मॉल हाइड्रो, सोलर पावर, जियो थर्मल, पंप स्टोरेज पावर प्लांट से आने वाले सालों में उत्तराखंड पावर सेक्टर में देश के अग्रणी राज्यों में खड़ा होगा। इन योजनाओं से उत्तराखंड सिर्फ अपनी बिजली जरूरतों को ही पूरा नहीं करेगा, बल्कि देश की बिजली जरूरतों को पूरा करने में भी सहयोग देगा। इससे आने वाले वर्षों में बिजली उत्पादन राज्य के राजस्व का सबसे बड़ा जरिया बनेगा। लाखों की संख्या में रोजगार, स्वरोजगार बढ़ेगा। इन बिजली योजनाओं से मिलने वाले लोकल एरिया डेवपलमेंट फंड से राज्य के दुरुस्थ और परियोजना क्षेत्रों में विकास कार्य होंगे।





