निहंगों पर रासुका लगाने की मांग, प्रकरण में निष्पक्ष जांच को लेकर किया प्रदर्शन

चमोली। नगरासू में हाल ही में हुई घटना को लेकर शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने पीपलचौरी क्षेत्र में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही प्रदेश में कई दिनों तक तनावपूर्ण माहौल पैदा करने के आरोप में संबंधित निहंगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान देवभूमि के रूप में है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों का सदैव सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा स्थानीय संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
वक्ताओं का कहना था कि हालिया घटनाओं ने क्षेत्र में असहज माहौल पैदा किया और प्रदेश की शांतिपूर्ण छवि पर भी असर पड़ा है। उन्होंने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रदर्शन में डॉ. मुकेश सेमवाल, भरत असवाल, सरस्वती देवी, जगत बिष्ट, अनिल तिवारी, तनमय सिंह, अशोक कुमार, शंभू कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। एलयूसीसी ठगी प्रकरण से प्रभावित कुछ महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देवभूमि की गरिमा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है तथा कानून के दायरे में रहकर ही किसी भी विवाद का समाधान होना चाहिए।





