पुल के अधूरे निर्माण से बनी बाढ़ की स्थिति, गुस्साए लोगों ने एई के मुंह पर पोती मिट्टी

ऊधमसिंहनगर। रविवार को जिले में बेरिया रोड पर इंदिरा कालोनी के पास निर्माणाधीन लेवड़ा नदी पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने और लगातार बारिश के बाद क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बनने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आक्रोशित भाजपा नेताओं और कुछ लोगों ने लोक निर्माण विभाग के एएई राजीव गौड़ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके साथ अभद्रता की। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं एवं कुछ लोगों ने कथित रूप से एएई के मुंह पर मिट्टी पोत दी। इसके बाद मौके पर हंगामा बढ़ गया।
पिछले करीब 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र की नदियों और नहरों का जलस्तर बढ़ गया है। बेरिया रोड स्थित निर्माणाधीन लेवड़ा नदी पुल के आसपास भी बाढ़ का पानी फैल गया। पुल का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं होने के कारण पानी का निकास प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए इंदिरा कालोनी समेत आसपास के क्षेत्र के लोगों में बाढ़ का पानी कालोनी में घुसने के बाद रोष बढ़ गया।बाढ़ की स्थिति की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी ऋचा सिंह, तहसीलदार प्रताप सिंह चैहान समेत प्रशासनिक अधिकारी और राजस्व कर्मी मौके पर पहुंचे। इस दौरान कालोनी के लोगों ने निर्माणाधीन पुल और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इसबीच लोक निर्माण विभाग के एएई राजीव गौड़ भी मौके पर पहुंच गए। बाढ़ के पानी को लेकर आक्रोशित राजेश कुमार ने निर्माण कार्य में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए एएई के साथ तीखी नोकझोंक की। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि कथित रूप से एएई के मुंह पर नीचे से उठाकर मिट्टी पोत दी गई। इसके बाद वहां हंगामा शुरू हो गया।
आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं और कुछ कालोनीवासियों ने लोक निर्माण विभाग के एएई के साथ हाथापाई कर दी। मौके पर मौजूद तहसीलदार, राजस्व कर्मियों और सुरक्षा कर्मियों ने किसी तरह हस्तक्षेप कर एएई को लोगों के बीच से बाहर निकाला। अचानक हुए घटनाक्रम से मौके पर अफरातफरी मच गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रित किया। मौके पर पूर्व भाजपा प्रत्याशी राजेश कुमार, भाजपा नेता गौरव शर्मा समेत अन्य लोग भी पहुंच गए। घटना के संबंध में फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को लिखित तहरीर दिए जाने की जानकारी नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से पुल निर्माण और जल निकासी की स्थिति को लेकर जानकारी ली गई। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस स्तर पर मामले को लेकर निगाह रखी जा रही है





