हेम प्रकरण से बेनकाब हुए अस्थिरता फैलाने वाला गैंग
-राजनीतिक हित साधने में जुटा धरातल से कटे लोगों का कुनबा, एकबार फिर खुली कलई
देहरादून: पत्रकार हेम प्रकरण ने राज्य में हमेशा अस्थिरता फैला कर अपने राजनीतिक हित साधने वाले गैंग को फिर बेनकाब कर दिया है। दिल्ली, डिफेंस कालोनी, गूलरभोज तक एक सिरे से सभी की कलई खुलती चली गई। राज्य को बदनाम करने का कोई भी मौका न छोड़ने वाले इस गैंग से जुड़ा दिल्ली मीडिया का लाल सलाम कुनबा भी बेनकाब हो गया है। साफ हो गया है कि ये दिल्ली का मीडिया गैंग कहां से ऑपरेट हो रहा है।
हेम प्रकरण की जानकारी देहरादून की स्थानीय मीडिया को दोपहर बाद जाकर सही से मिल पाई, लेकिन दिल्ली का मीडिया में चिरपरिचत मोदी विरोधी झंडाबरदार चेहरा सुबह भोर होने से पहले ही लामबंद हो गया। इस घटना के बहाने सरकार हिलाने के अपने मंसूबों को खाद पानी देने में जुट गए। जैसे जैसे दिन चढ़ता गया, इस पूरे सियासी गैंग की पहले की तरह उम्मीदें परवान चढ़ने लगी। इस घटना के बहाने उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने, सरकार पर ठीकरा फोड़ने से लेकर सरकार हिलाने जैसी प्लानिंग शुरू होने लगी।
अवसाद में चल रहे एक नेताजी ने तो हेम प्रकरण को सीधे अपने उत्पीड़न से जोड़ कर अपने पुनर्वास का प्लान तक तैयार कर लिया। अलमारियों में बंद पड़े सूट को ड्राइक्लीन किए जाने के ऑर्डर शुरू होने लगे। नई शेरवानी सजाने के इंतजाम होने लगे। दूसरी ओर सीएम पुष्कर सिंह धामी की सक्रियता के साथ ही जब मामले का पटाक्षेप हुआ तो इन लोगों के सीने में सांप लोटने लगे।
अब जब प्रकरण का पूरी तरह पटाक्षेप हो गया है, तो ये लोमड़ी गैंग फिर इस मामले को रह रह कर डिजिटल चैनलों को इंटरव्यू देकर राख पर फूंक मार कर चिंगारी सुलगाने का प्रयास करने लगा है। इस पूरे प्रकरण से एकबार फिर साफ हो गया है कि राज्य को अस्थिर करने को इस सियासी कुनबे को हर बार कोई न कोई कंधा चाहिए। कभी ये कंधा हेम हो जाता है, तो कभी गूलरभोज, कभी जोशीमठ की आपदा में इन्हें अपने लिए अवसर दिखते हैं, तो कभी वनभूलपुरा इनके अरमानों को पंख लगा देता है, लेकिन हर बार ये कुनबा न सिर्फ बेनकाब होता है, तो बल्कि हर बार अपनी साख खोने का काम करता है। अब इस सियासी कुनबे की दिल्ली दरबार में भी आवाज नक्कारखाने में तूती भर बन कर रह गई है, तो आम जन इन साजिशों को बखूबी पहचान चुकी है। इस बार भी हेम प्रकरण ने सियासी रूप से नंगा करने का काम किया है।





