उत्तराखण्ड

आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटर्स के मानदेय की धनराशि अवमुक्तः स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल

ख़बर शेयर करें

देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के समस्त विकासखण्डों में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटर्स को मासिक निर्धारित मानदेयध्स्टाइपेंड के रूप में प्रोत्साहन राशि जारी की गई है। इसके अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं को 3,300 प्रतिमाह तथा आशा फैसिलिटेटर्स को 2,000 प्रतिमाह निर्धारित मानदेय के रूप में प्रदान किया जाता है।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत कार्यक्रमवार गतिविधियों के सफल संचालन, समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संबंधित कार्यों में सहयोग एवं फैसिलिटेशन के लिए आशा कार्यकर्ताओं को समय-समय पर कार्यक्रम-विशिष्ट प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है। इन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण, मातृ स्वास्थ्य एवं संस्थागत प्रसव, शिशु एवं बाल स्वास्थ्य सहित अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम सम्मिलित हैं।
आशा कार्यकर्ताओं द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। उनके कार्यों को प्रोत्साहित करने, मनोबल बढ़ाने तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में उनके योगदान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निर्धारित मानदेय के अतिरिक्त विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 37,76,51,736 की धनराशि प्राप्त हुई है। इसमें आशा कार्यकर्ताओं हेतु 36,64,52,856 तथा आशा फैसिलिटेटर्स हेतु 1,11,98,880 की धनराशि निर्धारित है। प्राप्त धनराशि को 10 सितम्बर 2026 को जिलों को विकासखण्डवार उनके खातों में निर्गत कर दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटर्स के हितों तथा उनके योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Related Articles

Back to top button