उत्तराखण्ड

दून में अखिल गढ़वाल सभा के उत्तराखंउ कौथिग का शुभारंभ

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देहरादून। अखिल गढ़वाल सभा द्वारा आयोजित उत्तराखंड कौथिग के पहले दिन आज कौथिग का शुभारंभ उत्तराखंड के पर्यटन व संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि दिगम्बर सिंह नेगी रहे। इससे पहले संस्था के अध्यक्ष रोशन धस्माना और महासचिव गजेंद्र भंडारी ने अतिथियों का स्वागत टोपी व अंगवस्त्र पहनाकर किया।
अपने उद्बोधन में सतपाल महाराज ने कहा कि गढ़वाल सभा संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए बहुत सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने सभा के इन प्रयासों में हर सम्भव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में पिंडर घाटी बधानी समिति थराली चमोली द्वारा वीर नृत्य प्रस्तुत किया गया, बोल हैं पोंछीगे पोंछीगे भूमि का बीरों हे, इसके बाद अल्मोड़ा के चन्दन बोरा के नेतृत्व में छोलिया नृत्य की प्रस्तुति हुई। नंद लाल भारती के जौनसारी जंजातीय लोक कला मंच चकराता द्वारा हारुल नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत भोटिया सांस्कृतिक कला मंच समिति जोशीमठ द्वारा बगडवाल व पौणा नृत्य प्रस्तुत हुआ। इसके बबीता शाह लोहनी के दल हमारी पहचान रंगमंच ने झोड़ा नृत्य ऐजा हे सुनार दही भात खेजा किया। हेमंत बुटोला के संगम सांस्कृतिक मंच द्वारा रणसिंह बाजो तुतरी बाजी नृत्य प्रस्तुत हुआ। इसके बाद पुनः पिंडर घाटी बधाणी समिति द्वारा पांडव नृत्य ओड़ा नैडू इगे पांच भाई पांडव किया गया। पुनः चन्दन वोहरा द्वारा सुंदर छपेली शाबासी मेरा मोतिया बलदम प्रस्तुत हुआ। कार्यक्रम का संचालन उदय शंकर भट्ट ने किया। धन्यवाद उपाध्यक्ष निर्मला बिष्ट ने किया। इस अवसर पर महासचिव गजेंद्र भंडारी,  प्रचार सचिव अजय जोशी, वीरेंद्र असवाल, बीरेंद्र, सूर्य प्रकाश भट्ट, संतोष गैरोला, संगीता ढोंडियाल, दिनेश बौराई, मुनिराम सकलांनी, तारेश्वरी भंडारी, बबिता शाह लोहनी, रीता भंडारी, रेखा बडोनी आदि उपस्थित रहे। कल 25 अक्टूबर प्रातः 11 बजे थडिया, चैफुला, झोड़ा नृत्य होगा।
शाम 6.00 बजे से लोकगीत सांस्कृतिक संध्या, पद्मश्री बसंती बिष्ट, गायक रोहित चैहान, अनिल बिष्ट, भूपेंद्र बसेड़ा, आलोक मलासी प्रस्तुति देंगे।

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