देहरादून में खुला वनरक्षक स्टोर, स्वदेशी तकनीक से वन्यजीवों की सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया विजन को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के क्षेत्र में नया आयाम मिल रहा है। उत्तराखंड जैसे वन और वन्यजीव बहुल राज्य में लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए देहरादून में श्वनरक्षकश् नाम से एक विशेष स्टोर का भव्य उद्घाटन किया गया। इस स्टोर का उद्देश्य वन्यजीवों की निगरानी, सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए स्वदेशी एवं आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना है। उत्तराखंड में जंगल और आबादी के बीच घटती दूरी के चलते मानव-वन्यजीव संघर्ष एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में गुलदार की दस्तक हो या मैदानी क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही, ये परिस्थितियां आम नागरिकों के साथ-साथ वन विभाग के लिए भी चिंता का विषय हैं। ऐसे में आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और सर्विलांस गियर्स की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। देहरादून में शुरू हुआ श्वनरक्षकश् स्टोर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
स्टोर के उद्घाटन अवसर पर वन्यजीव वैज्ञानिक डॉ. बिलाल हबीब ने बताया कि पहले भारत में इस तरह के तकनीकी उपकरणों का निर्माण काफी सीमित था और इनके लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब मेक इन इंडिया के तहत देश में ही विश्वस्तरीय आधुनिक उपकरण तैयार किए जा रहे हैं। उत्तराखंड जैसे वन्यजीव बहुल राज्य के लिए ये स्वदेशी उपकरण सुरक्षा और रिसर्च के लिहाज से गेम-चेंजर साबित होंगे। वनरक्षक स्टोर में वन्यजीवों की ट्रैकिंग, फॉरेस्ट सर्विलांस, कैमरा ट्रैप, एंटी-वाइल्डलाइफ कॉन्फ्लिक्ट गियर्स और जंगलों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मेक इन इंडिया उपकरण उपलब्ध होंगे। इन उपकरणों को उचित दरों पर आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा, जिससे वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।





